कभी विराट कोहली के कप्तान थे तेजस्वी यादव, आज बिहार का सबसे बड़ा चेहरा…

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तेजस्वी यादव नाम तो सुना ही होगा बिहार के चुनाव के नतीजो मे सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी राजद और 

बिहार के सबसे बड़े नेता के तौर पर उभरे तेजस्वी यादव की कहानी कुछ इस अंदाज मे आपके सामने पेश है…

तेजस्वी-यादव

। चर्चा मे तेजस्वी यादव ।  क्योंकि बिहार मे यूपीए महागठबंधन बहुमत से चुका लेकिन ये सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे । 

जन्म -9 नवम्बर 1989 

शिक्षा -10 वीं स्कूल ड्रॉपआउट 

परिवार – लालू प्रसाद यादव,  माँ – राबड़ी देवी, आठ-भाई बहन 

संपति- 5 करोड़ 88 लाख (2020 के शपथ के अनुसार)

बात 2010 की है , दिल्ली मे रह रहे 21 साल के तेजस्वी यादव अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर बनने का सपना देख रहे थे । लेकिन बिहार में होने वाले विधानसभा चुनावो में अपने पिता की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद ) की मदद के लिए पटना आ गए । 

पटना से दूर रहे तेजस्वी के लिए राजनीति कोई नई नहीं थी, लेकिन धीरे-धीरे सही मायनों में राजनीति सीख रहे थे । 2010 मे बिहार विधानसभा में राजद के खराब प्रदर्शन के बाद तेजस्वी वापस दिल्ली लौट गए । 

लेकिन क्रिकेट में उनकी दाल कुछ खास गल नहीं रही थी । क्रिकेट जानकारों के मुताबिक बिहार की खुद की कोई टीम नहीं होने के कारण तेजस्वी को खेलने का सही अवसर नहीं मिला । 

मध्यक्रम के बल्लेबाज और आफ स्पिनर गेंदबाज तेजस्वी का मन दिल्ली और पटना के बीच झूल रहा था । 2020 में हुए चुनावो मे महागठबंधन भले ही बहुमत से चूक गया हो, 

लेकिन तेजस्वी यादव के नेतृत्व मे राजद ने 75 सीटे जीती है । लोग उन्हे अब राजनीति का मँझा हुआ खिलाड़ी मान रहे है और उनकी कप्तानी को स्वीकार कर रहे है । 

 

क्रिकेट मे तेजस्वी यादव का करियर 

तेजस्वी बचपन से ही क्रिकेट खेलना चाहते थे । 2002 में पूर्व क्रिकेटर सबा करीम और कोच अशोक परमार ने पटना मे एक कैंप लगाकर 100 बच्चो को चुना । 

इसमे 10 साल के तेजस्वी भी शामिल थे । 2003 में तेजस्वी दिल्ली जाकर नेशनल स्टेडियम मे प्रेक्टिस करने लगे । दिल्ली पब्लिक स्कूल में पढ़ने के दौरान वह खेलते रहे । 

उन्होने दसवीं मे क्रिकेट के लिए पढ़ाई छोड़ दी । इस दौरान दिल्ली की अंडर-13, अंडर-15 और अंडर-17 टीम की ओर से खेला । एक इंटरव्यू मे तेजस्वी ने बताया की दिल्ली की अंडर-15 टीम की कप्तानी करने के दौरान टीम ने कई मैच जीती, इस टीम मे विराट कोहली भी थे । 

तेजस्वी इंडियन प्रिमियर लीग के पहले सीजन 2008 से लेकर 2012 तक लगातार चार साल दिल्ली डेयरडेविल्स टीम का हिस्सा रहे । 

फ्रेंचाइज़ ने उन्हे 40 लाख रुपये मे खरीदा । हालांकि इस दौरान वह अतिरिक्त प्लेयर की भूमिका मे रहे और उन्हे एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला ।

 

राजनीति : 2015 में पहला चुनाव लड़ा, 16 महीने उपमुख्यमंत्री रहे  

2014 में राजद के लोकसभा चुनावो में खराब प्रदर्शन के बाद तेजस्वी ने ही पिता लालू यादव को नितीश के साथ गठबंधन बनाने की सलाह दी थी । 2015 मे तेजस्वी राघोपुर से विधायक चुने गए । यह सीट रबड़ी देवी 2010 मे हार गई थी ।  

राजद और जेडीयू के गठबंधन ने 2015 विधानसभा चुनाव जीते और 26 साल के तेजस्वी यादव बिहार के उपमुख्यमंत्री बने । हालांकि यह गठबंधन डेढ़ साल ही रहा और तेजस्वी ने अलग रह पकड़ ली । 

इसके बाद वह विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बने । यह भारतीय राजनीति में सबसे कम उम्र के नेताप्रतिपक्ष रहे । 

तेजस्वी ने पार्टी की काया पलटने के लिए सबसे पहले सोशल मीडिया का सहारा लिया । तेजस्वी यादव सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय है । 

अक्टूबर 2016 मे तेजस्वी यादव ने रोड और कंसट्रक्शन मिनिस्टर रहते हुए सडको की मरम्मत के लिए एक Whatsapp नंबर जारी किया । 

इसमें सड़क संबंधी शिकायते तो आई, लेकिन उससे भी ज्यादा 44 हजार लड़कियों ने उन्हे विवाह प्रस्ताव भेज दिया । 

 

विवाद: 11 आपराधिक मामले दर्ज 

1. 2008 में न्यू इयर पार्टी के दौरान अज्ञात लोगों ने तेजस्वी यादव और उनके बड़े भाई तेजप्रताप ने छेड़खानी की थी । 

दो साल पहले सुशील मोदी ने टिवटर पर भी इस घटना का खुलासा किया था । हालांकि उस मामले में आधिकारिक रूप से कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई थी । 

2. तेजस्वी समेत लालू और राबड़ी पर आईआरसीटीसी के दो होटलो का ठेका एक निजी कंपनी को देने का आरोप था । 

लालू यादव पर आरोप था की कि उन्होने 2006 में रेल मंत्री रहते हुए एक निजी कंपनी को होटल चलाने का कोंट्रेक्ट दिया और इसके बदले उन्हे महंगा प्लॉट मिला । इस मामले में तेजस्वी को अगस्त 2018 में बेल मिली थी । 

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