दुनिया मे सबसे ज्यादा बारिश कहाँ होती है ?

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दुनिया मे सबसे ज्यादा बारिश कहाँ होती है ? भारत की ऐसी कोनसी जगह है जहां दुनिया की सबसे ज्यादा बारिश होती है? दुनिया मे ऐसी कई जगह है जहां पर सबसे ज्यादा यानि साल के कई महीनो तक बरसात होती रहती है, आज हम इसी के बारे मे बात करेंगे जैसे आखिर दुनिया मे सबसे ज्यादा बारिश कहाँ होती है और दुनिया मे कितनी जगहों पर सबसे ज्यादा बारिश होती है, कितनी होती है, क्यों व किस कारण होती है, वहाँ के लोग कैसे अपना जीवन यापन करते है ।

बारिश का मौसम किसे अच्छा नहीं लगता है सभी को बरसात का सीजन बहुत अच्छा लगता है लेकिन यह ऋतु तब तक अच्छी लगती है जब यह एक बार आकर चली जाये या एक-दो दिन के अंतराल मे आए लेकिन अगर बरसात दिनभर तो छोड़ो सालभर भर होती रहे तो यह लोगो के लिए परेशानी का सबब बन जाती है, कोई भी अपना काम नहीं कर पाता है ।

तो आइये जानते है-

दुनिया मे सबसे ज्यादा बारिश कहाँ होती है ?

पूरी दुनिया मे सबसे ज्यादा बारिश भारत के राज्य मेघालय के मासिनराम मे होती है, मासिनराम का नाम गिनीज़ बूक ऑफ द वर्ल्ड मे दर्ज है, यह दुनिया का सबसे नमी वाली जगह है, यहाँ पर सालाना करीब 11871 मिलीमीटर बरसात होती है, मासिनराम से पहले चेरापुंजी ने सबसे ज्यादा बारिश होने का खिताब ले रखा था लेकिन मासिनराम ने 1985 मे सबसे ज्यादा बारिश होने का खिताब अपने नाम कर लिया था ।

मासिनराम चेरापुंजी से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, सन् 1985 मे मासिनराम मे रिकॉर्ड 26,000 मिलीमीटर बारिश हुई थी जो अपने आप मे एक रिकॉर्ड रहा था।

दुनिया मे सबसे ज्यादा बारिश कहाँ होती है ?
दुनिया मे सबसे ज्यादा बारिश भारत के मासिनराम गाँव मे होती है ।

मासिनराम मे इतनी बारिश क्यों होती है

जैसा की आप जानते है की मासिनराम दुनिया का सबसे अधिक बारिश और दुनिया का सबसे नमी वाला क्षेत्र है, यहाँ पर दुनिया की सबसे ज्यादा बारिश होने की वजह बंगाल की खाड़ी है, बंगाल की खाड़ी की वजह से यहा पर ज्यादा नमी रहती है, इसके साथ ही यहा पर 1491 मीटर उंछाइयों वाली पहाड़ियाँ भी मौजूद है जिसकी वजह से यहाँ नमी काफी संघनित हो जाती है जिसके कारण यहाँ पर लगातार बारिश होती है, एक अध्ययन के मुताबिक यहाँ पर साल के करीब 330 दिनों तक बरसात होती है ।

दुनिया मे सबसे ज्यादा बारिश वाली जगह मासिनराम और चेरापुंजी ये दोनों जगह भारत के पूर्वी राज्य मेघालय मे स्थित है यह इलाका हमेशा बादलो से घिरा रहता है, जब हम सोचे की सालभर बादलो से घिरा रहता है तो वहाँ के लोग तो बहुत खुश रहते होंगे लेकिन यह सिर्फ सोचने मे तो अच्छा लगता है किन्तु वहाँ रहने वालों लोग ही जानते है को किस प्रकार अपना जीवन यापन करते है ।

दुनिया की दूसरी सबसे नमी वाली जगह चेरापुंजी –

भारत के स्थानीय लोग चेरापुंजी को सोहरा के नाम से जानते है, यह दुनिया की दूसरी सबसे नमी वाली जगह है, यहां पर मासिनराम की तुलना मे लगभग 100 मिलीमीटर कम बारिश होती है जो की दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा बारिश वाला क्षेत्र है।

लेकिन कभी-कभी चेरापुंजी मासिनराम से आगे निकल जाता है बारिश के मामले मे, बात करे 2014 की तो यहां पर 26,470 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी जो की मासिनराम से अधिक हुई थी लेकिन अगर सालभर की औसत बारिश निकाली जाए तो यह आकड़ों मे मासिनराम आगे निकल जाता है ।

मासिनराम व चेरापुंजी लोगो का जीवन-यापन कैसा होता होगा-

दुनिया मे सबसे अधिक बारिश वालों का जीवन यापन कैसा होता होगा जहां पर लोग घर से बाहर निकलते ही समझो भीगना तो तय है, पूरी दुनिया मे कोई भी स्थान हो वहां की जलवायु पर ही निर्भर होता है की यहाँ के लोग किस प्रकार अपना जीवन यापन करेंगे ।

मासिनराम और चेरापुंजी मे दिनभर बादल और धुंध छायी रहती है, यानि की दिनभर छाया ही रहती है यहाँ पर सूरज के दर्शन होना भी मुश्किल है अगर यहाँ पर दिन मे भी अगर बिजली चली जाए तो घर के अंदर अंधेरा छा जाता है

कैसे करते है खेती

मासिनराम ओर चेरापुंजी मे अधिक बारिश होने के कारण वहां पर खेती करना मुश्किल है अत: वहां पर खेती नहीं की जा सकती है । यहाँ के लोग अपना सामान नमी से बचाने के लिए प्लास्टिक मे लपेटकर ड्रायर मे सुखाकर रखते है क्योंकि अधिक नमी होने के कारण सामान के खराब होने की संभवना रहती है ।

मासिनराम ओर चेरापुंजी की सड़के कैसी होती है

यहाँ पर अधिक बारिश होने के कारण यहाँ की सड़के जल्दी खराब हो जाती है यहाँ पर अधिकतर समय तो सड़कों की मरम्मत करने मे ही चला जाता है । एक तो बारिश से इनको काफी परेशानी होती है दूसरी तरफ खराब हुई पड़ी सड़क ओर चार चाँद लगा देती है ।

सबसे ज्यादा बारिश वाले क्षेत्रो का वातावरण कैसा रहता है

सबसे अधिक वर्षा वाले क्षेत्र मासिनराम और चेरापुंजी के वातावरण की बात करे तो वहां पर चारों तरफ हरियाली छाई रहती है, वहां पर सालभर बरसात होने के कारण धूल-मिट्टी नहीं उड़ती है यानि की वहां के लोगो को सुखी मिट्टी देखने को भी नहीं मिलती है, वहां पर दिनभर धुंध और बादल छाए रहते है । वहाँ के लोग जब भी घर से बाहर निकलते है तो अपने साथ हमेशा छाता साथ लेकर निकलते है और उनका छाता कोई नॉर्मल छाता नहीं होता है उनके पास बांस का बना छाता होता है जो की उनके शरीर के ढ़क के रखता है जिससे वो अपना काम आसानी से कर सकते है।

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